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  • पोलैंड के बारे में कृषि और आर्थिक सूचना

  • पोलैंड  में  कृषि संस्थान

     

    कृषि बाजार अभिकरण

     

     

    कृषि संस्थान

    कृषि बाजार अभिकरण

    कृषि बाजार अभिकरण(एएमए) एक मान्यता प्राप्त भुगतान अभिकरण के रूप में साझा कृषि नीति(कैप) पर अमल करने वाले संस्थानों में से एक है। 1990 से घरेलू कृषि-खाद्य क्षेत्र के साथ एएमए की गतिविधियाँ जुड़ी हुई हैं अर्थात् बाजार अर्थव्यवस्था में परिवर्तित होने से लेकर आज तक जब एकरूप ईयू बाजार की सीमाओं के भीतर सफलतापूर्वक कार्य करने वाले पोलिश खाद्य निर्माता साझा कृषि नीति(CAP) के द्वारा नियंत्रित होते हैं।

    कृषि बाजार अभिकरण की गतिविधियों की दिशा बदली है। एक भुगतान अभिकरण के रूप में यह CAP की कार्य प्रणाली और घरेलू कार्य प्रणाली को नियंत्रित करता है। इन कार्यप्रणालियों को धन उपलब्ध कराने का स्रोत ईयू की निधि और घरेलू बजट है। यह अभिकरण कृषि और खाद्य उत्पादों के प्रचार के लिए निधियों को अपना सहयोग देता है। बढ़ते विस्तृत दायरे में एएमए की गतिविधियाँ कृषि उत्पादकों, प्रसंस्कर्ताओं, निर्यातकों के साथ साथ उपभोक्ताओं की ओर लक्षित हैं। कृषि और खाद्य उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के साथ साथ कृषि और खाद्य बाजार की स्थिरता के लिए यह कार्य करता है।

    ईयू में पोलैंड की सदस्यता से लेकर 2013 के अंत तक:

    - एएमए ने कृषि और खाद्य क्षेत्र में संचालन कर रहे लाभार्थियों को 11.3 बिलियन ज्लोती का भुगतान किया है,

    - खाद्य सहायता कार्यक्रम के कार्यान्वयन के अंतर्गत निर्धनतम लोगों को 2.4 बिलियन के तैयार खाद्य उत्पाद दिए गए,

    कृषि और खाद्य उत्पादों की प्रचार निधि के लिए 235 मिलियन ज्लोती का भुगतान किया गया,

    2013 में एएम ने कुल 667.3 मिलियन ज्लोती का भुगतान किया। CAP कार्यप्रणाली के अग्रिम वित्त स्वीकृति के अंतर्गत 435.7 मिलियन ज्लोती और सरकारी बजट के द्वारा वित्तपोषित कार्यप्रणाली के कार्यान्वयन के लिए 231.6 मिलियन ज्लोती दिए गए। इसके अतिरिक्त कृषि एवं खाद्य उत्पाद के प्रचार के लिए 51.4 मिलियन ज्लोती का भुगतान किया गया। खाद्य सहायता कार्यक्रम के कार्यान्वयन के अंतर्गत निर्धनतम लोगों को 309.5 मिलियन ज्लोती मूल्य के तैयार खाद्य पदार्थ दिए गए। इसके अतिरिक्त, अभिकरण ने सरकार बजट की आय के लिए 190.5 मिलियन ज्लोती अंतरित किये। भुगतान के रूप में की गई गतिविधियों के अलावा एएमए कई प्रकार की गैर-वित्तीय प्रणालियों का नियंत्रण करता है: उत्पादन मूल्य निर्धारण, विदेश व्यापार प्रणाली(उदहारण: यह तीसरे देशों से कृषि और खाद्य उत्पाद आयात करने के लिए तथा ईयू के बाहर निर्यात के परमिट का लेखा जोखा रखता है और जारी करता है और यूएसए को निर्यात किए जाने वाले पास्ता को प्रमाण पत्र जारी करता है) और इसके साथ साथ उत्पादन की मॉनिटरिंग और नियंत्रण तथा शराब, चीनी, तम्बाकू, दूध और दूध उत्पाद के साथ साथ नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के संबंध में बाजार की प्रक्रिया का संचालन।

    ईयू में पोलैंड के प्रवेश के समय से 2013 के अंत तक एएमए द्वारा बनाए गए उद्यमियों के केंद्रीय रजिस्टर(Central Register of Enterpreneur) में 612.6 हजार संगठनों को रजिस्टर किया गया है। हाल के वर्षों में एएमए ने औसतन प्रति वर्ष 300000 प्रशासनिक निर्णय जारी किये हैं।

     

     

    पशु उत्पादन, चुनिंदा बाज़ार

     

    पशु उत्पादन, चुनिंदा बाज़ार

    पोलैंड इस यूरोपीय संघ का एक बड़ा माँस उत्पादक है। 2013 में यह सूअर के माँस के उत्पादन में चौथे स्थान पर था, मुर्गी के माँस के उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर और गोमाँस के उत्पादन में आठवें स्थान पर था।

    माँस और इसके सह-उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का संतुलन स्पष्टतः पोलैंड के पक्ष में रहा है; 2013 में यह 766.4 हजार टन था और 2012 की तुलना में यह 82.6 हजार टन अर्थात् 12.1% अधिक था।

    सारणी 19. 2013* में माँस (सूअर-माँस, गोमाँस और मुर्गी का माँस) और इसके सह-उत्पाद का उत्पादन और विदेश व्यापार (हजार टन में)

     

    विवरण

    उत्पादन*

    निर्यात **

    आयात **

    विदेश व्यापार का संतुलन

    सूअर का माँस

    1 606

    669,2

    801,9

    -132,6

    गोमाँस

    373

    323,1

    27.6

    295,5

    मुर्गी का माँस

    1 660

    699,5

    96.0

    603,5

     कुल

    3 693

    1 692

    925

    766,4

     

    * in warm whipped weight, ** in meat equivalent Source: Rynek mięsa. Stan i perspektywy, 2014 r., IERiGŻ-PIB.

    2013 में माँस और छीछड़े का कुल उपभोग 68.1 किलो/व्यक्ति था और इसमें 2012 की अपेक्षा 2.9 किलो की कमी दर्ज हुई। अब भी इसमें उपभोग का सबसे बड़ा हिस्सा(27.3 किलो/व्यक्ति) सूअर के माँस का ही रहा, उसके बाद मुर्गी का माँस(27.3 किलो/व्यक्ति), न्यूनतम उपभोग गोमाँस (1.5 किलो/व्यक्ति) का था। 2012 की अपेक्षा केवल मुर्गी के माँस के उपभोग में ही 1.2 किलो/व्यक्ति की वृद्धि हो सकी। दूसरे प्रकार के माँस में लगातार ह्रास की प्रवृत्ति देखी गई- सूअर के माँस में 3.8.किलो/व्यक्ति और गोमाँस के उपभोग में 0.1 किलो/व्यक्ति की कमी आई।

    सूअर के माँस का बाज़ार

           अनाज के मूल्य से सूअर के मूल्य का लाभप्रद संबंध होने के कारण 2013 में सूअर पालन की लाभार्जकता में सुधार हुआ। इसके कारण सूअरों के घरेलू भंडार में ह्रास की दर में कमी आई। नवम्बर 2013 में सूअर का भंडार 11.0 मिलियन था, जो 2012 की इसी अवधि की तुलना में 137.8 हजार (-1.2%) की कम था। सूअर भंडारों के ज्यादातर समूहों की संख्या में कमी आई। 633.6 हजार गर्भवती मादा सूअरों के साथ प्रजनन करने वाली मादा सूअर के भंडार की संख्या 57,000(-5.8%) कम होकर 955.1 हजार के स्तर पर आ गई।  जुलाई 2013 के अंत की तुलना में कुल भंडार में 168.1 हजार (-1.5%) की कमी आई। सूअर के माँस का उत्पादन 1606 हजार टन हुआ और पिछले वर्ष की तुलना में यह 128 हजार टन(-7%) कम था। जीवित सूअर का क्रय मूल्य पोलैंड में 5.39 ज्लोती/किलो तक था और यह 2012 की तुलना में (5.40 ज्लोती/किलो) 1 ग्रोज़/किलो (0.2%) कम था। पारंपरिक रूप से अधिकतम कीमत(5.80-5.97 ज्लोती/किलो) गर्मी के महीनों में ही दर्ज की गयी, जबकि 2013 की शुरुआत में क्रय मूल्य 5.13-5.18 ज्लोती/किलो था।

    यूरोपीय संघ में पोलैंड के प्रवेश के समय से, सूअर का क्रय मूल्य यूरोपीय संघ की कीमतों और ज्लोती के यूरो के साथ विनिमय दर पर ज्यादा से ज्यादा निर्भर रहा है। 2013 में 605 हजार टन सूअर का माँस और 5.1 मिलियन सूअर(ज्यादातर सूअर के बच्चे और बनैले सूअर के बच्चे) अर्थात् 2012 की तुलना में 34% अधिक पोलैंड में आयात किया गया, मुख्य रूप से ईयू-15 से(2012 की तुलना में 1.1% ज्यादा)। माँस का निर्यात 444 हजार टन और पशुधन का 107.8 हजार तक पहुंचा।

    पोल्ट्री माँस का बाज़ार

           पोल्ट्री माँस के बाज़ार में मुख्य रूप से मुर्गी और टर्की ब्रायलर(करीब 97%) का ही दबदबा है। 2013 में माँस के उत्पादन में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी रही लेकिन इसकी गति(5% की वृद्धि) धीमी थी। पोल्ट्री माँस उत्पादन उपभोग की तुलना में अधिक तेज दर से बढ़ता है, जो 27.3 किलो/व्यक्ति(4.6%) को पार कर गया। उत्पादन के विकास में वृद्धि का मुख्य कारण अब भी निर्यात था जिसकी उत्पादन में हिस्सेदारी बढ़कर 35.2% हो गयी। 2013 में मुर्गियों का क्रय मूल्य 3.87 ज्लोती/किलो था और यह पिछले वर्ष की तुलना में 0.9% अधिक था, टर्की की कीमत में 8.1% की वृद्धि हुई और यह 5.86 ज्लोती/किलो तक पहुँची तथा बत्तखों के क्रय मूल्य में बड़ी गिरावट(16.4%) दर्ज की गई।

           पोल्ट्री माँस और इसके उत्पादों का निर्यात 668 हजार टन हुआ और 2012 की तुलना में 9.4% अधिक था, जबकि धनात्मक व्यापार संतुलन 547 हजार टन था। इसके मुख्य तैयार बाज़ार ईयू देश हैं।

    दुग्ध बाज़ार

    दुग्ध उत्पादन पोलैंड में कृषि उत्पादन की एक बेहद महत्वपूर्ण शाखा है। राष्ट्रीय संख्यिकी कार्यालय(GUS) के आँकड़ों के अनुसार; 2013 में सामुदायिक दुग्ध उत्पादन 14046 मिलियन ज्लोती था और यह सामुदायिक कृषि उत्पादन का 17.3% था। दुग्ध उत्पादन में 0.4% की वृद्धि हुई और  गाय के दूध के भंडार में लगातार कमी के बावजूद यह 12.35 बिलियन लीटर था। दिसम्बर 2013 के अंत की स्थिति के अनुसार दुधारू गायों की संख्या 2.7% की वार्षिक कमी के साथ 2299000  हो गई जिसकी क्षतिपूर्ति  दुधारू गायों की क्षमता में 2% की वृद्धि के साथ 5.240 ली/अदद तक पहुँचने से हो पाई। 2013 में दुधारू गायों की औसत क्षमता की भरपाई उपयोगिता मूल्य के आकलन से हुई,(दुधारू गायों की कुल संख्या का 30.5%) यह मूल्य 7.441 किलो/अदद पहुंचा जो 2012 की तुलना में 0.6% अधिक था। कच्चे दूध का उत्पादन घरेलू उपभोग से 10-12% अधिक है। आपूर्ति में अधिशेष निर्यात के लिए भेज दिया जाता है। कच्चे दूध समतुल्य में मापे गए डेरी उत्पादों के निर्यात का हिस्सा दूध के क्रय का 25% और साथ साथ घरेलू दूध उत्पादन का 17% है। पोलैंड से डेरी उत्पादों का निर्यात मुख्यतः(73%) यूरोपीय देशों को किया जाता है, मुख्य आयातक (18.9%) जर्मनी है ।

     

    2013 में दूध की खरीद अप्रत्याशित रूप से ऊंचे स्तर पर पहुँच गई- यह 2012 की तुलना में 0.6% बढ़कर 9921.7 हजार टन के स्तर पर पहुँची। डेरी उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि सबसे पहले चीज की सभी किस्मों से जुड़ी है, जिसमें 731.8 हजार टन का उत्पादन 2013 में हुआ और यह 2012 के मुकाबले 1.5% अधिक था और दूध में यह वृद्धि 7% की थी जो 1616.1 हजार टन के स्तर पर पहुँची। 2013 में दही का उत्पादन 3.2% घटकर 526.7 हजार टन के स्तर पर पहुंचा और मक्खन तथा 82% मक्खन के समतुल्य दूसरे वसायुक्त दूध से बने डेरी उत्पाद का उत्पादन 2.1% घट गया और 161.2 हजार टन पर पहुँचा। पाउडर दूध और फुल पाउडर्ड दूध(PMP) में 8.7 की वृद्धि हुई और 30.8 हजार टन पहुँची, साथ ही स्कीम दूध पाउडर(OMP) का उत्पादन 6.6% घटकर 98.1 हजार टन हुआ- कारण, बढती माँग के मुकाबले कच्चे दूध की कमी।

    इसी समय, 2013 के उत्तरार्ध में दूध की खरीद में वृद्धि से कोटा वर्ष 2013/14 में पोलैंड को राष्ट्रीय डिलीवरी कोटा पार करने में मदद मिली कृषि बाज़ार अभिकरण के प्रारंभिक आँकड़ों के अनुसार, कोटा वर्ष 2013/2014 खरीदे गए दूध की मात्रा 10.076 बिलियन किलो(वसा धारण के संदर्भ में प्रति लीटर दूध) थी जबकि घरेलू डिलीवरी की मात्रा(9 909 800 752 किलो) 1.68% (166 मिलियन किलो) बढ़ी। एक उत्पादक के मामले में निर्धारित इकाई शुल्क, जो बाज़ार में लाये गए 29 ग्रोज़ प्रति किलो दूध की सीमा को पार कर गया था, व्यक्तिगत उत्पादक को दी गई मात्रा से अधिक था। दूसरी ओर, अपने अतिउत्पादन के लिए पोलैंड द्वारा भुगतान किया जाने वाला शुल्क 46.4 मिलियन यूरो होगा जो 193.8 मिलियन ज्लोती है।

    दूध उत्पादन का कोटा सिस्टम 1 अप्रैल 2015 को समाप्त हो जाएगा। डेरी कोटा समाप्त कर दिए जाने के बाद दूध के बाज़ार की कार्यविधि को समायोजित करने के लिए 2009/2010 और 2013/2014 के बीच राष्ट्रीय दूध कोटा में 1% की वार्षिक आधार पर वृद्धि की गई। इसे दृष्टिगत रखते हुए, गत कोटा वर्ष 2014/2015 में घरेलू मात्रा गत वर्ष के स्तर पर रही और लगभग 10.1 मिलियन टन है जिसमे 9.9 मिलियन टन के स्तर पर पहुँचा घरेलू डिलीवरी कोटा और लगभग 146 मिलियन किलो के प्रत्यक्ष विक्रय का घरेलू कोटा शामिल है।

    2013 में 1 मार्च से 31 अगस्त तक दखली खरीद के लिए मक्खन और ओएमपी आपूर्तियों की बिक्री की संभावना का पोलैंड और दूसरे ईयू सदस्य राष्ट्र दोनों ने उपयोग नहीं किया। मक्खन और ओएमपी के औसत ईयू मूल्य इन उत्पादों के लिए निर्धारित दखली मूल्य के स्तर से 70% से भी अधिक रहे। 2013 में पोलिश उद्यमियों ने 1 मार्च से 15 अगस्त तक लागू मक्खन के निजी भंडारण के लिए विहित सब्सिडी की व्यवस्था का न्यूनतम उपयोग किया। ईयू में मक्खन के निजी भंडारण ने 12 सदस्य राष्ट्रों- ज्यादातर नीदरलैंड, जर्मनी के साथ-साथ फ्रांस द्वारा 89391 टन मक्खन का हिस्सा ले लिया गया।

    विश्व बाज़ार में आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ साथ डेरी उत्पादों के विदेशी व्यापार में डेरी उत्पादों के विक्रय की ऊँची कीमत के परिणामस्वरूप 2013 को दूध की खरीद में नियमित वृद्धि वाले वर्ष के रूप में भी देखा गया और वर्ष के उत्तरार्ध में वृद्धि की दर में काफी तेजी आई। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त कृषि बाजार सूचना की मूल्य सूची के अनुसार दूध का खरीद मूल्य दिसम्बर 2013 में 155.26 ज्लोती/100 किलो की अप्रत्याशित ऊंचाई पर पहुँच गया जो वार्षिक आधार पर 26% अधिक था। इसके साथ साथ 2013 में डेरी उत्पादों की बिक्री के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई जिसमे 2013 की दूसरी तिमाही के बाद से एक नियमित वृद्धि हो रही थी। 2013 के दिसम्बर में स्किम पाउडर्ड दूध का औसत मूल्य 13.2 ज्लोती/किलो और फुल पाउडर्ड दूध 15.5 ज्लोती/किलो, अर्थात् पूर्व वर्ष की तुलना में क्रमशः 23.4% और करीब 28% था। निर्माणाधीन चीज- गौडा और एडम- की कीमत लगभग 20% बढ़ी। दिसम्बर 2013 में पूर्वोक्त किस्मों की लागत 17.0 ज्लोती/किलो थी।

    2013 में दूध की औसत खरीद मूल्य 133.25 ज्लोती/100 किलो था और यह 2012 की तुलना में 11% अधिक था। 2013 में स्किम पाउडर्ड दूध(OMP) की कीमत 12.3 ज्लोती/किलो, फुल पाउडर्ड दूध(PMP) 14.0 ज्लोती/किलो और निर्माणाधीन चीज़ की कीमत 15.0 ज्लोती/किलो थी। 2012 की तुलना में 2013 में आधारभूत डेरी उत्पाद की कीमतें स्किम पाउडर्ड दूध की कीमत 32% और फुल पाउडर्ड दूध के साथ साथ मक्खन-ब्लॉक की कीमत 24% बढीं। निर्माणाधीन चीज़ कीमत में 11% का औसत वार्षिक उछाल आया।

     

     

    पोलैंड के बारे में आर्थिक सूचना

     

    आर्थिक अनुभाग भारत के आर्थिक विकास का विश्‍लेषण करता है। यह अनुभाग भारत- पोलैंड आर्थिक संबंधों के उन क्षेत्रों की जांच के लिए उत्‍तरदायी है जो पोलैंड की अर्थव्‍यवस्‍था में प्राथमिकता के क्षेत्र हैं। यह टीम दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए स्‍थानीय प्रशासन, सरकारी एजेंसियों और गैर- सरकारी संगठनों के साथ भी सहयोग करती है। 

     

    आर्थिक अनुभाग की गतिविधि मेजबान देश की स्थितियों का पोलैंड के आर्थिक हितों पर पड़ने वाले प्रभावों  और द्विपक्षीय संबंधों के विकसित होने की दिशा में संभावित खतरों के विश्‍लेषण पर फोकस है। अनुभाग की टीम मेजबान देश की स्थितियों तथा प्रेस के बयानों, थिंक टैंक और गैर- सरकारी संगठनों के प्रकाशनों को एकत्र कर उनका विश्‍लेषण करती है तथा पोलैंड की विदेश आर्थिक नीति के लिए अभिमत बनाती है।

     

    सूचनाएं जो कि वैसे उद्यमियों के लिए महत्‍वपूर्ण हैं जो पोलैंड के लोगों के साथ साझीदारी में व्‍यापार करना चाहते हैं ( जैसे प्रक्रियाएं, आयात शुल्‍क, विदेशी निवेश विनियमन) वह पोलैंड गणराज्‍य के दूतावास के व्‍यापार और निवेश संवर्धन विभाग की वेबसाइट पर प्राप्‍त की जा सकती हैं:

     

     

     

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