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  • Faithful to my Homeland, the Republic of Poland

     

  • यूरोपीय संघ में पोलैंड के दस वर्ष

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    यूरोपीय संघ में पोलैंड के दस वर्ष

     

     

     

    मुख्य निष्कर्ष

     

    पिछले 10 वर्षों की अवधि में पोलैंड यूरोपीय संघ की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत बन गया है। 2004 में हम एक नए सदस्य देश के रूप आशा से भरे हुए किन्तु संप्रभुता खोने के भय के साथ यूरोपीय संघ में दाखिल हुए। 2014 में हम यूरोपीय संघ में एक ऐसे सशक्त और प्रभावशाली सदस्य देश के रूप में एक दशक पूरा करने का उत्सव मनाएंगे जिसे अपने हित साधना भी आता है और जो यूरोपीय अखंडता की प्रक्रिया में जिम्मेदारी से कार्य करता है।

     

    विगत वर्षों में पोलैंड ने यूरोपीय संघ पर अपने देश के हितों और आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभाव डालना सीख लिया है। यह भली भाँति जानकर कि पोलैंड को इससे लाभ होगा, हमने आतंरिक बाज़ार के विचार का समर्थन किया। इस धारणा पर कार्य करते हुए कि भविष्य में हम भी इसका हिस्सा बनेंगे, हमने यूरोजोन सुधार की बहस में सक्रिय रूप से भाग लिया है; इस विश्वास के साथ कि यह हमारा कार्य है, हम यूरोपीय व्यवस्था की महत्वपूर्ण चर्चाओं में शामिल रहे हैं। कई वर्षों से अपनी ऊर्जा संरक्षा की बेहतर सुरक्षा के लिए हम ईयू ऊर्जा नीति में निवेश करते रहे हैं। यह प्रक्रिया जारी है और यूक्रेन के संकट और एक ऊर्जा संघ के रूप में यूरोप की उसपर प्रतिक्रिया के समय से यह रफ़्तार पकड़ रही है। अपने पड़ोसियों के साथ संगठित रूप से चलने के लिए, विशेषतः ईयू की पूरब नीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने के लिए हमने ईयू सदस्यता के लिए आवेदन दिया है।

     

    पोलैंड के दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं की एक कुंजी 2014-2020 के लिए बहुवार्षिक वित्तीय कार्ययोजना का समझौता पोलैंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण और कठिनतापूर्वक प्राप्त राजनीतिक उपलब्धि रही है। पोलैंड ने ईयू की बड़ी बजट कटौतियों के बावजूद 441 अरब पोलिश ज्लोती प्राप्त करने में सफल रहा जो 2007-2013 की अपेक्षा 19 अरब ज्लोती अधिक है। हमारी सुविचारित और नियमित रूप से कार्यान्वित रणनीति यूरोपीय संस्थानों के साथ गठबंधन और संसक्ति समूह के मित्र देशों के साथ सहयोग पर आधारित है। पोलैंड ने यह कठिन वित्तीय समझौते बिना आपसी संबंधों को नुकसान पहुँचाये किया।

     

    पोलैंड ने एक सशक्त राजनीतिक दर्जा हासिल कर लिया है और एक विश्वसनीय और उत्तरदायी देश के रूप में साख बनाई है। अन्य कई यूरोपीय समाजों से अलग पोलैंड की अच्छी अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता एवं एकीकरण के लिए जनता के जबरदस्त सहयोग के सौजन्य से यह संभव हुआ। पोलैंड द्वारा 2011 के उत्तरार्ध में ईयू की सफल अध्यक्षता- जो आगामी वर्षों में पोलैंड के हितों के अधिक प्रभावशाली कार्यान्वयन में एक अच्छा निवेश है- ने भी योगदान किया है।

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    विभिन्न संस्थानों एवं सदस्य देशों के साथ सहयोग करने के पोलैंड के अनुभव में यह तथ्य कि यूरोपीय प्रक्रिया में हमारे देश की जड़ें गहरी जम चुकी हैं, से पोलैंड की ईयू सदस्यता के अनुकूल निवल राजनीतिक परिणाम प्राप्त करने में मदद मिली है। यह श्रेय यूरोपीय संसद के पोलिश सदस्यों की सशक्त उपस्थिति को जाता है कि वह यूरोपीय संसद में इस सबसे बड़े राजनीतिक समूह को प्रभावित करने में सफल रहा है और निर्णायक समझे जाने वाले मुद्दों के पक्ष में इसके सदस्यों को वोट करने हेतु तैयार कर सका है। पोलिश हितों के प्रभावी प्रतिनिधित्व के संदर्भ में यूरोपीय संसद के पोलिश सदस्यों की यूरोपीय संसद में दूसरे बड़े राजनीतिक समूह के रूप में उपस्थिति भी महत्वपूर्ण थी।

    यह जानकर कि 28 देशों के संघ में कुछ भी अकेलेदम हासिल नहीं हो सकता है हम एक टीम सदस्य के रूप में प्रभावी गठबंधन बनाते रहे हैं। विजग्राद समूह, जिसके वोट जर्मनी एवं फ्रांस के संयुक्त वोटों के बराबर हैं, समूहगत प्रभाव के लिए विशेष रूप से प्रभावी उपकरण है। आज विजग्राद समूह यूरोपीय संघ का सबसे सफल क्षेत्रीय समूह है। 2012 के बाद से हमने वेमार ट्रायंगल में आपसी सहयोग को पुनः सशक्त होते देखा है जो यूरोपीय नीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पोलैंड, जर्मनी और फ्रांस की साझा नीतियों के विकास और परामर्श का महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

    पोलैंड की यूरोपीय संघ की सदस्यता का देश की आर्थिक गति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यदि हमारा देश यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं होता तो 2013 में क्रय शक्ति मानकों पर प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पादन 2009 के स्तर पर होती अर्थात् यह यूरोपीय संघ के औसत 27 की अपेक्षा 11% नीचे होता। 2013 में पोलिश निर्यात का मूल्य 164 अरब पोलिश ज्लोती(अर्थात् 25%) कम होता। 2013 में हमारा पूँजी व्यय वास्तविक की अपेक्षा 36 अरब पोलिश ज्लोती(अर्थात् 12%) कम होता और 2009-13 की पूरी अवधि में 200 अरब पोलिश ज्लोती(अर्थात् 7.8%) कम होता। अंततः एक महत्वपूर्ण बात यह कि रोजगार 10% कम होता और बेरोजगारी 38% अधिक होती। दूसरे शब्दों में, बेरोजगारों की संख्या 500000 अधिक होती। सारांशतः, यदि पोलैंड यूरोपीय संघ में प्रवेश न करता तो ज्यादा लोग बेरोजगार होते, हमारी आय कम होती और पोलिश अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत कम गति से विकास कर रही होती।1

    1 मई 2004 को पोलैंड के यूरोपीय संघ में प्रवेश ने देश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत थी। अब जब यूरोपीय संघ में हमारी उपस्थिति को गंभीरता से नहीं लिया जाता और यूरोपीय संघ के देशों में सीमाओं का विलोपन और सभी यूरोपीय संघ के देशों में बेरोकटोक पढ़ाई और रोजगार एक हकीकत बन चुके हैं तब विगत दस वर्षों पर नज़र डाली जानी चाहिए। पोलैंड के यूरोपीय संघ में प्रवेश की पूर्वसंध्या पर पोलिश जनता का अधिकांश अब यूरोपीय संघ को एक बेहतर दुनिया का प्रवेशद्वार मानता है। यद्यपि यूरोपीय संघ में हमारे प्रवेश के साथ कई चिंताएँ जुड़ी थीं- इस बृहदीकरण के आलोचकों ने हमारे देश के लिए निराशाजनक भविष्य का वर्णन किया था, जबकि समाज का एक तबका अपने आपको कठिन समय और त्याग के वर्षों के लिए तैयार कर रहा था। ऐसा लग रहा था कि पोलैंड को एक बेहतर जीवन स्तर प्राप्त करने के लिए एक या अधिक पीढ़ियाँ लग जाएँगी।

    फिर भी यूरोपीय संघ में प्रवेश के सकरात्मक प्रभाव काफी पहले स्पष्ट हो गए थे। एक दशक के भीतर पोलैंड के प्रमुख सामजिक और आर्थिक सूचकों में महत्वपूर्ण सुधार हुए, यद्यपि बदलाव हमेशा उतनी ही तीव्रता से नहीं हुए जितनी आशा थी। लेकिन पोलैंड के यूरोपीय संघ में प्रवेश से पूर्व पोलिश नागरिकों की ये चिंताएँ निराधार साबित हुईं कि पोलैंड को मूल्य चुकाने चुकाने होंगे, यह यूरोपीय संघ का धन व्यय करने में सक्षम नहीं होगा या यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक बाज़ार बन जाएगा।

    विगत 10 वर्षों ने दिखाया है कि यूरोपीय ढाँचे से जुड़ने से अपने आप देश की बेहतर आर्थिक दशा और उन्नत जीवन स्तर नहीं बन जाते। यूरोपीय संघ की सदस्यता एक अवसर के रूप में आती है न कि विकास की गारंटी के रूप में। एक देश इस अवसर का पूरा लाभ ले सकता या नहीं, इस बात पर निर्भर करता है कि यह अपनी आर्थिक नीति किस प्रकार चलाते हैं।

    2004 एवं 2007 में यूरोपीय संघ में आने वाले इस क्षेत्र के दूसरे देशों की तुलना में पोलैंड ने यूरोपीय संघ की सदस्यता से मिले अवसरों का समग्र रूप से बेहतर इस्तेमाल किया है। हम आर्थिक विकास में अग्रणी रहे हैं-यूरोपीय संघ से जुड़ने के बाद हमारा सकल घरेलू उत्पादन 48.7% बढ़ा है। पोलैंड ने (स्लोवाकिया के साथ) न केवल अपने क्षेत्र के देशों को बल्कि पूरे यूरोपीय संघ को ही पीछे छोड़ दिया है। पोलैंड की अर्थव्यवस्था ने सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा पास कर ली है- वैश्विक आर्थिक संकट। 2009

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    डीएसजीई यूनिफाइड मैक्रो फ्रेमवर्क1.0 (यूएमएफ1.0) मॉडल, दिसम्बर 2013 का प्रयोग कर आईएमएपीपी फाउंडेशन से पी. कोवल, जे. कुस्कोव्सकी और जे. ज़वितोव्सकी के द्वारा आकलन पर आधारित अपनी रिपोर्ट

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    में पोलैंड यूरोपीय संघ का एकमात्र देश था जो मंदी से बचने में सफल रहा। 2008-13 के दौरान पोलैंड का कुल सकल घरेलू उत्पादन 20% से ज्यादा बढ़ा। यह यूरोपीय संघ में कहीं बहुत आगे का बेहतरीन प्रदर्शन था।

    हमारी वृद्धि दर, जो दूसरे देशों की तुलना में अधिक तीव्र है, ने पोलैंड को यूरोपीय संघ के आर्थिक विकास के औसत स्तर के दो-तिहाई तक पहुँचा दिया। 10 वर्षों के बाद पोलैंड ने यूरोपीय संघ में प्रवेश के समय अपने से धनी देश हंगरी को पार कर लिया है। 2003 में क्रय शक्ति मानकों पर पोलैंड की प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पादन यूरोपीय संघ के औसत 27 का 48.8.% था जबकि 2012 में यह 18.1% प्रतिशत बिन्दुओं की बढ़ोतरी के साथ 66.9% पर पहुँच गया था।

    आर्थिक वृद्धि के साथ श्रम बाज़ार में भी बड़े बदलाव आए। हमारे यूरोपीय संघ में आने के 10 वर्षो के भीतर 20 लाख नौकरियाँ आईं: 500000 आर्थिक रूप से निष्क्रिय लोगों के साथ समाज के सभी तबकों को रोजगार मिले। इस आर्थिक वृद्धि ने पोलिश लोगों की दशा में महत्वपूर्ण सुधार किये: 2005 से 2012 के बीच गरीबी या सामाजिक निष्कासन के खतरे पर पहुँच चुके लोगों की संख्या 70 लाख कम हो गयी और 13 लाख लोग गरीबी से बाहर निकाले गए।

    पोलैंड के यूरोपीय संघ में प्रवेश से पूर्व अर्थशास्त्रियों ने उम्मीद की थी कि हमारी अर्थव्यवस्था में तेजी से आर्थिक वृद्धि होगी और श्रेय जाता है, उस सरकारी और निजी निवेश के पैमाने में वृद्धि को और सकल घरेलू उत्पादन में उनके हिस्से को, कि एक ज्यादा तेज आधुनिकीकरण हुआ और वैश्विक बाजार में विश्वास बना और परिणामस्वरुप प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ा। एक मध्यावधि अनुमान में अर्थव्यवस्था के ढाँचे में बदलाव की आशा थी। अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि यूरोपीय संघ के विस्तार के विश्वसनीय सकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे और एक लम्बे अंतराल(20-30 वर्षों के बाद) में आयेंगे। मूलभूत आर्थिक धारणाएं सत्य साबित हुईं। यूरोपीय संघ की सदस्यता के शुरूआती वर्षों में पोलैंड में निवेश और उपभोग में उछाल आया और इसके बाद संरचनात्मक बदलाव आए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बात थी, पोलैंड के सकल घरेलू उत्पाद में सेवाओं का बड़ा हिस्सा और कृषि का छोटा हिस्सा; तकनीकी उन्नति से प्रेरित अर्थव्यवस्था की उच्च उत्पादकता और घरेलू बाजार में अधिक प्रतियोगिता, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की आमद, मध्यम एवं उच्च संसाधित उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि, विश्व व्यापार में बढती हिस्सेदारी। इन बदलावों का परिणाम प्रतियोगितात्मकता की वार्षिक रैंकिंग में दिख रहा है जिसमे पोलैंड धीरे धीरे ऊपर जा रहा है लेकिन व्यवस्थित रूप से।

    यूरोपीय संघ की सदस्यता के अच्छे निवल परिणाम निरंतर और उत्तरदायी आर्थिक नीतियों के बिना संभव नहीं होते जिन्होंने व्यापार चक्र की अस्थिरता को थोड़ा कम किया। पोलैंड ने सक्षम संस्थान यथा अपना सेंट्रल बैंक, वित्तीय निरीक्षण प्राधिकार या बैंक गारंटी फण्ड बना सका जो आर्थिक स्थिरता की गारंटी बन सके। बैंकिंग सेक्टर के एक प्रभावी बुद्धिमत्तापूर्ण निगरानी ने हमें पूँजी के मुक्त प्रवाह के प्रछन्न प्रभावों से बचा लिया। पोलिश संविधान ने सार्वजनिक कर्ज की सीमा तय की है जिसके कारण हमारा देश फिजूलखर्ची से बच सका है।

    यूरोपीय संघ की निधि के प्रयोग से देश के विकास की नीति का एक प्रभावी मॉडल भी प्रस्तुत किया गया है।

    यूरोपीय संघ की सदस्यता के 10 वर्षों के दौरान हमारा कोई चालू खाते का घाटा नहीं रहा जो सुरक्षा सीमा को पार कर जाए। विशेष रूप से श्रम लागत में थोड़ी वृद्धि के कारण हमारी अर्थव्यवस्था प्रतियोगितात्मक बनी रही। पुनश्च, ईयू में प्रवेश का पोलैंड में मुद्रा स्फीति पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। इसका श्रेय प्रभावी और बुद्धिमत्तापूर्ण उपायों को जाता है कि गंभीर संकट के वर्षों में पोलैंड को केवल धीमी वृद्धि का सामना करना पड़ा जब लगभग अन्य सभी ईयू सदस्य देश मंदी के शिकार हुए।

    ईयू सदस्यता के कारण ही पोलैंड की छवि और वित्तीय साख में सुधार हुआ है। 2007 में साख निर्धारक एजेंसियों (स्टैण्डर्ड एंड पुअर और फिच) ने पोलैंड की रेटिंग BBB+ से सुधार कर A- कर दिया।

    ईयू में प्रवेश के पश्चात् आए प्रभावों में पोलैंड की साख में वृद्धि से कोश प्रतिभूतियों की वापसी की दर में कमी आई। अब पोलिश सरकार अपने सार्वजनिक ऋण के लिए कम भुगतान करती है। पोलैंड की ब्याज दर अब 2.5%(एक स्तर जिसे जून 2013 से पहले कभी प्राप्त नहीं किया जा सका था) है जिसने निवेश लागत को कम करते हुए देश के विकास में योगदान किया है।

    पोलैंड ने ईयू के साझा बाज़ार एवं इसके चार स्तंभों वस्तु, व्यक्ति, सेवाएँ और पूँजी द्वारा प्रस्तुत  में उपलब्ध अवसरों का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया है। हम विश्व के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्र के हिस्से बन गए हैं जहाँ 50 करोड़ उपभोक्ता और 2 करोड़ फर्म हैं। हाल में 2003 तक यह असंभव प्रतीत होता था कि पोलिश उद्यमी साझा बाज़ार में आ पाएंगे और अपना प्रभाव

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    छोड़ेंगे। हमारी ईयू सदस्यता के कारण पोलिश उत्पादों विशेषकर कृषि उत्पादों को अधिक विश्वसनीयता मिली है। पोलैंड ने ईयू देशों के साथ साथ तीसरी दुनिया के देशों को अपने निर्यात में प्रभावपूर्ण वृद्धि की है। पिछले दशक के दौरान, ईयू के अन्दर निर्यात में पोलैंड की हिस्सेदारी दोगुनी होकर 4% तक पहुँची। यह वृद्धि क्षेत्र में सर्वाधिक और ईयू में दूसरी है(नीदरलैंड्स के बाद)। ईयू में प्रवेश से पहले की तुलना में 2013 में हमने ईयू को तीन गुना अधिक निर्यात किया। पोलैंड ने ईयू सदस्य देशों में, जिन्होंने 2004 और 2007 में सदस्यता ली, अपना नेतृत्व कायम रखा है: मध्य एवं पूर्वी यूरोप से निर्यात किए गए वस्तुओं का 27% हमारे देश में बना।

    सदस्यता के समय से हमारे देश में निवेश का आकर्षण काफी बढ़ा है। पोलैंड में 2004 से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की आमद का सकल मूल्य पोलिश ज्लोती 405 अरब से पार चला गया है। विगत दशक में, पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप (विशेष रूप से शेष ईयू के निवेशकों में) में निवेश हेतु सबसे अभीष्ट गंतव्य रहा है। वस्तुतः, प्रत्येक तीसरा यूरो उन्होंने हमारे देश में निवेश किया है।

    पोलैंड की उपलब्धियों का मूल्यांकन करते हुए, विशेषकर वे जो आतंरिक बाज़ार में पोलैंड की उपस्थिति के परिणाम हैं, उनके बारे में निम्नलिखित बातें दर्ज की जा सकती हैं:-

    • वस्तुओं की खुली गति के कारण, हमने पोलिश कंपनियों की अभूतपूर्व सफलता देखी है जिन्होंने लगभग 3.5 अरब पोलिश ज्लोती मूल्य की वस्तुओं का निर्यात ईयू को विगत 10 वर्षों में किया है। यह पोलैंड के सकल घरेलू उत्पादन का दोगुना है! पोलैंड प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में एक शीर्षस्थ यूरोपीय उत्पादक और निर्यातक बन गया है(जैसे ऑटोमोटिव उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू उपकरण सेक्टर या फर्नीचर सेक्टर) और ईयू बाज़ार में एक महत्वपूर्ण सेवा प्रदाता बन गया है।
    • पोलिश उद्यमियों ने ईयू सदस्य देशों के 2003 के 13.5 अरब पोलिश ज्लोती के व्यापार घाटे को (सकल घरेलू उत्पादन का -2 प्रतिशत) को 2013 में एक प्रभावपूर्ण 100 अरब पोलिश ज्लोती के व्यापार अधिशेष में बदल दिया है।
    • 2012 में पोलैंड के ईयू प्रवेश के समय से पोलिश फर्मों ने लगभग 550 अरब पोलिश ज्लोती का लाभ(135 अरब यूरो) ईयू को सेवाओं का निर्यात किया है (सकारात्मक संतुलन 37 अरब पोलिश ज्लोती (9 अरब यूरो) पार कर चुका है। इस प्रकार पोलैंड उन देशों के बीच शीर्षस्थ है जिन्होंने 2004 में ईयू में कदम रखे; 2012 में मध्य और पूर्वी यूरोप से ईयू को दी गयी सेवाओं का 30% पोलैंड से आया। 2004 के बाद, पोलैंड ने अपने क्षेत्र के सभी देशों की अपेक्षा अपनी सेवाओं के निर्यात में सबसे तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की(अपने मूल्य में 160% की वृद्धि)। यह रुझान विशेष रूप से परिवहन, व्यापार सहयोग और पर्यटन सेक्टर में देखा जा सकता है।
    • पोलैंड ने निर्यात में उछाल और उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की: ईयू प्रवेश के ठीक बाद, अपने उत्पाद और सेवाओं का निर्यात करने वाले फर्मों की संख्या में कुल कंपनियों की संख्या में वृद्धि की अपेक्षा दोगुनी तेजी देखी गयी। परिणामतः, 2013 में पोलिश कंपनियों ने अपने राजस्व का पांचवां भाग निर्यात से अर्जित किया। चूँकि इन निर्यातों का 80% ईयू को किया गया था, अतः राजस्व का अधिकांश आतंरिक बाज़ार में हमारी उपस्थिति के कारण था। यद्यपि, ईयू सदस्यता के 10 वर्ष बाद कई पोलिश कंपनियाँ ईयू के साझा बाज़ार में नहीं हैं। इसका अर्थ यह है कि उन्होंने अब तक इस बाज़ार के द्वारा प्रस्तुत विकास क्षमता का दोहन नहीं किया है।
    • इरेस्मस कार्यक्रम की रूपरेखा में 120,000 से अधिक पोलिश विद्यार्थियों ने अन्य ईयू सदस्य देशो में पढ़ाई की या प्रशिक्षित किए गए और 37000 अकादमिकों ने उन देशों के विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दिए या प्रशिक्षित किये गए।
    • यह ईयू द्वारा दिए गए सेवाओं के मुक्त प्रवाह के कारण ही हुआ कि पोलिश कंपनियों ने विदेशों में 230,000 कामगार भेजे और उनसे 100,000 घरेलू रोजगार सृजित हुए।
    • विगत 10 वर्षों में ईयू सदस्य देशों में पोलैंड का प्रत्यक्ष निवेश कुछ दर्जन गुणा बढ़कर 2003 के 4.6 अरब पोलिश ज्लोती  से 2012 में 137 अरब पोलिश ज्लोती हो गया।

     

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    • यद्यपि 2005 में एक निम्न लागत वाले यूरोप के सबसे बड़े एयरलाइन्स के सीईओ ने कहा था: “ग्दान्स्क कौन जाना चाहता है? शिपयार्ड की दीवार देख लेने के बाद वहाँ ज्यादा कुछ नहीं है।”2 विगत 10 वर्षों में विदेशियों ने पोलैंड की 63 करोड़ यात्राएं कीं जिसमें 14 करोड़ पर्यटक थे। पोलैंड आने वाले विदेशी यात्रियों ने कुल 284.3 अरब पोलिश ज्लोती व्यय किये।3 2014 में दुनिया के 100 शहरों से वारसा के लिए सीधी उड़ाने हैं जो पोलैंड के ईयू प्रवेश से पहले की अपेक्षा चार गुना हैं।
    •  हवाई परिवहन सेवाओं के उदारीकरण ने हवाई यातायात(पोलैंड के हवाई अड्डों से 2004-2013 के बीच 18.5 करोड़ लोग गुज़रे) के गतिशील विकास में योगदान किया है; पोलैंड में निम्न-लागत एयरलाइन्स का प्रवेश संभव हुआ; पोलों(पूर्व-मध्य यूरोप विशेष कर पोलैंड के निवासी) के यूरोप की यात्रा को आसान कर दिया। 2004-2013 के बीच पोलिश पर्यटकों में 82.8% लोगों ने ईयू सदस्य देशों की यात्रा की(पोलों की 8.06 करोड़ यात्राओं में ईयू सदस्य देशों की यात्राएँ 6.675 करोड़ थीं)4
    • ईयू संविधान के कार्यान्वयन के कारण फ़ोन और डाटा रोमिंग की दरें एक चौथाई हो गयीं। 2007 में ईयू की यात्रा करने वाले पोलिश नागरिकों में केवल 9.2.% लोगों ने रोमिंग सेवाएँ लीं। 2013 में यह संख्या बढ़कर 2013 में 60 प्रतिशत हो गयी।

    एक दशक से पोलैंड एक निर्माण स्थल बन गया है। ईयू से आए धन ने देश को तेजी से आधुनिक बनाने के लिए मदद करने में बड़ी भूमिका अदा की है।

    2004-13 में निवेश की कुल मात्रा में 75% की वृद्धि हुई। 2009 और 2011 के बीच संसक्ति नीति ने पोलैंड के सार्वजनिक निवेश के 51.6% निधि जुटाई। आशंकाओं के बावजूद, यूरोपीय संघ की सदस्यता के प्रथम वर्ष से पोलैंड ने ईयू बजट में अपने योगदान से ज्यादा प्राप्त किया है। 2009 से पोलैंड ईयू बजट का मुख्य निवल लाभार्थी रहा है। पोलैंड के योगदान को घटा देने के बाद दस वर्ष पूर्व सदस्यता लेने के समय से हमने 250.5 करोड़(61.4 करोड़) पोलिश ज्लोती प्राप्त किया।5 इसका अर्थ है कि ईयू बजट के लिए 125.4 करोड़ पोलिश ज्लोती(31 करोड़ यूरो) से किये गए प्रत्येक ज्लोती के भुगतान के लिए पोलैंड ने तीन ज्लोती कुल 375.9 करोड़ ज्लोती के लिए (92.4 करोड़ यूरो) प्राप्त किये।6 बहुवर्षीय वित्तीय कार्ययोजना परिचर्चा के परिणाम दिखाते हैं कि पोलैंड 2014-20 में भी सबसे बड़ा निवल लाभार्थी रहने वाला है। संसक्ति नीति के इतिहास में कोई दूसरा देश नहीं है जिसने किसी एक वित्तीय दृष्टिकोण के अंतर्गत इतनी निधि प्राप्त की हो जितना पोलैंड ने इस कार्ययोजना में प्राप्त किया है। 2004-13 के बीच में पोलैंड ने प्राप्त निधि को अच्छी तरह व्यय किया:

    •  ईयू से प्राप्त निधि से 2004-2013 में 160,000 परियोजनाएँ कार्यान्वित की गयीं और इनमे से कुछ अभी जारी हैं।7 673 किमी. का मोटरवे बनाया गया; 808 किमी. का एक्सप्रेस वे बनाया गया और आधुनिकीकृत हुआ,8 36000 किमी. का सीवेज नेटवर्क और 683 सीवेज संसाधन संयंत्र बनाए गए।9
    • कंपनियों को भी ईयू निधियों का लाभ मिला। 2004 से उद्यमियों ने 62,600 परियोजनाएं पूरी की और इसके लिए उन्हें ईयू निधि से 85.5 अरब पोलिश ज्लोती प्राप्त हुए।10  2007-13 में केवल  एक कार्यक्रम11 के कार्यान्वयन ने ये परिणाम दिए :
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    2 के. डोन,”पोलिश निम्नलागत एयरलाइन्स यू.के. एवं आयरिश बाजारों में विस्तार तो तैयार” फाइनेंसियल टाइम्स, 8 दिसम्बर 2005

    3 “Turystyka w Polsce w latach 2004–2013. Oszacowania wskaźników ekonomicznych,” खेल एवं पर्यटन मंत्रालय का पर्यटन विभाग (यथा 14-03-2014)

    4 पर्यटन यात्राओं की कुल संख्या में एक देश और कई देशों की यात्रा, दोनों की गणना की गयी है। पर्यटकों की यात्रा की कुल संख्या अपने  देशों की यात्रा की कुल संख्या की गणना किये बिना 7.695 करोड़ होती है।

    5 वित्त मंत्रालय के “Zestawienia transferów finansowych środków unijnych w ciągu 116 miesięcy członkostwa”के आँकड़े पर आधारित; तुलना के लिए, यूरो राशियों को उस वर्ष के एनबीपी के औसत विनिमय दर पर ज्लोती में बदला गया है

    6 आईबीआईडी

    7 देखें http://www.mapadotacji.gov.pl/statystyki-i-porownania(यथा 24.03.2014)

    8 राष्ट्रीय सड़क एवं मोटर पथ महानिदेशालय के द्वारा प्रदत्त सूचना पर आधारित दिनांक 22 जनवरी, 2014

    9 आधारभूत संरचना एवं विकास मंत्रालय के द्वारा प्रारूपित “Ocena efektów inwestycji środowiskowych finansowanych w ramach NPR 2004–2006 oraz danych z KSI (SIMIK 07-13)”  दिनांक 21 मार्च, 2014 के मूल्यांकन अध्ययन पर आधारित

    10 आधारभूत संरचना एवं विकास मंत्रालय के द्वारा 17 दिसम्बर, 2013 को प्रदत्त सूचना पर आधारित

    11 “इनोवेटिव इकॉनोमी” संचालन कार्यक्रम

     

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    उद्यमों में 551 नई तकनीकों केप्रयोग के साथ साथ अनुसंधान एवं विकास कार्यों में 215 परिणाम। तथाकथित इनक्यूबेटरों के 972 नए विचारों को सहयोग मिला तथा 2960 ई-सेवाएँ प्रारम्भ की गयीं।

    •  2004-12 में पोलिश किसानों को ईयू बजट से सीधे भुगतान में 53.7 अरब पोलिश ज्लोती प्राप्त हुए और औसतन 14 लाख फार्मों को लाभ पहुँचा। इसका अर्थ है कि एक लाभार्थी को औसतन 38,362 ज्लोती प्राप्त कर सका । पोलैंड का कृषि और कृषि-खाद्य सेक्टर को बहुत हद तक आधुनिक बनाया गया- 15 लाख किसानों ने ईयू निधि के लगभग एक तिहाई प्राप्त की, जो 117.7 अरब पोलिश ज्लोती(29 अरब यूरो) प्राप्त किये।
    • ईयू निधि ने शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किये- पोलैंड के लगभग आधे विद्यालयों में (लगभग 20 हज़ार) कंप्यूटर लैब बनाए गए। कुल 250,000 कंप्यूटर वर्कस्टेशन बनाए गए। आगे, करीब 2800 प्री-स्कूल बनाए गए और साथ ही अतिरिक्त 2,200 स्थान की इकाइयां प्री-स्कूल बनाने के लिए भी मिले।

    पोलैंड की ईयू सदस्यता के कारण पोलैंडवासियों को ईयू सदस्य देशों के श्रम बाज़ार तक पहुँचने का और यूरोपीय सामजिक सुरक्षा से लाभ लेने का मौका मिला। ईयू के अन्दर कामगारों की मुक्त आवाजाही से मध्य और पूर्वी यूरोप से प्रवास बढ़ा, एक ऐसी परिघटना 2004 के विस्तार के पूर्व लगाए गए अनुमानों से बड़े पैमाने पर हुई। बड़ी संख्या में पोलैंडवासियों ने इस मुक्त आवाजाही का लाभ लिया जो आतंरिक बाज़ार का बुनियादी सिद्धांत है। ईयू सदस्य देशों में विधि रोजगार लेने की संभावना ने सदस्यता पूर्व अवधि में प्रवास से संबंधित खतरों को अब कम कर दिया है। इस प्रकार, दूसरे रूप में लोगों की सोच में यूरोपीय श्रम बाज़ार के बारे में सकारात्मक बदलाव आया है जो पोलिश श्रम बाज़ार की ही तरह आसानी से प्रवेश किया जाने वाला है। आज यह बिलकुल सामान्य बात है कि हम कोई रोजगार रेजोव या लन्दन में से कहीं चुन सकते हैं जबकि 2004 के पहले बहुत से लोगों का डर था कि पश्चिमी यूरोप में ईयू के नए सदस्य देशों के नागरिकों के लिए रोजगार समाप्त हो जायेंगे।

    पोलैंडवासियों के प्रवास ने देश समाजार्थिक परिस्थितियों पर निश्चित रूप से बड़ा प्रभाव छोड़ा है लेकिन आज के दृष्टिकोण से देखे जाने पर उनका निवल प्रभाव तुलनात्मक रूप से मूल्यांकित करना कठिन है और किसी भी तरह से निष्कर्षात्मक नहीं है। अल्पकालिक दृष्टि से इसमें कोई शंका नहीं कि यूरोप के श्रम बाज़ार के खुलने से पोलिश बाज़ार का तनाव कम हुआ। आर्थिक रूप से सक्रिय आबादी में गिरावट प्रवासियों द्वारा कमाकर घर भेजे गए धन के द्वारा संतुलित हो गई(2004-2013 के बीच धन अंतरण लगभग 145.2 अरब पोलिश ज्लोती के बराबर था और निवल ईयू बजट अंतरण के 60% के बराबर था)। क्षेत्र के दूसरे देशो लिथुआनिया, लाटविया, रोमानिया और बुल्गारिया की तुलना में प्रवास उतना बड़ा नहीं था जहाँ अधिकांश नागरिकों ने देश छोड़ दिया।

    पोलैंड के यूरो उत्साह की चर्चा के बिना यह रिपोर्ट पूर्ण नहीं हो सकती है- जो यूरोपीय संघ में एक दूसरी उपलब्धि है और आर्थिक प्रदर्शन की अपेक्षा कम महत्वपूर्ण नहीं है। दस वर्ष पूर्व पोलैंडवासियों को बड़ी मुश्किल से ही समुदाय के सर्वाधिक यूरोप समर्थक सदस्यों के रूप में जाना जाता था। ईयू सदस्यता से कुछ ही पूर्व केवल 42% पोलैंडवासी ईयू सदस्यता को पोलैंड के लिए अच्छा मानते थे। जैसे जैसे पोलैंडवासी ईयू सदस्यता के लाभ से अवगत होते गए वैसे वैसे प्रत्येक वर्ष पोलैंड में यूरो उत्साह बढ़ता गया।

    आज, जब ईयू के लिए बिलकुल स्पष्ट समर्थन सभी पोलिश समाज और आयु वर्ग से है, हम अक्सर उस लम्बे रास्ते को भूल जाते हैं जो पिछले एक दशक में हम चलकर आए हैं। उन लाखों पोलैंडवासियों के खुलेपन और विश्वास को साधुवाद, यूरोप समर्थक भावनाएं अब एक बहुमूल्य पूँजी हैं जिससे दूसरे सदस्य देश पोलैंड से केवल ईर्ष्या कर सकते हैं।

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    12 आधारभूत संरचना एवं विकास मंत्रालय के द्वारा 17 दिसम्बर, 2013 को प्रदत्त सूचना पर आधारित

    13 देखें http://www.arimr.gov.pl/uploads/media/20012014_Platn_bezp.7-13.pdf (as at 24 March, 2014).

    14 Zestawienia…, op. cit.

    15 आधारभूत संरचना एवं विकास मंत्रालय के द्वारा 24 जनवरी, 2014 को प्रदत्त सूचना पर आधारित

    16 एनबीपी के द्वारा प्रदत्त सूचना पर आधारित, यथा 24.03.2014; तुलना करने के उद्देश्य, यूरो राशियों को उस वर्ष के एनबीपी के औसत विनिमय दर पर ज्लोती में बदला गया है

     

     

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